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अच्छे स्वास्थय के लिय आम के 10 फायदे। ache swasthy ke liy aam ke 10 fayde

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अच्छे स्वास्थ्य के लिएआम के10फायेदे आम  को फलो का राजा कहा जाता है।आम का नाम सुनते हि मुँह में पानी आ जाता हैं ।गर्मीया आते हि आम आना सुरु हो जाता हैं।आम हमारे अच्छे स्वास्थ्य में भी लाभदायक है।आम के 10 फायदे निम्न प्रकार से है 1.पाचन शक्ति बढ़ाता है-     मीठे आम का रस 20ग्राम और सोंठ दो ग्राम पिसकर मिला ले।सुबह के वक्त पिने से पाचन शक्ति बढ़ती है।सात दिन लगातार पिय। 2.ताकत बढ़ती है    मिठे का रस सवा सौ ग्राम,दूध में250 ग्राम चिनी मिलाकर लस्सी की तरह बनाकर दो महिने साम को पिए। मर्दाना ताकत और शरीर कि कमजोरी को ठिक करने के लिए बहुत बढ़िया है।बर्फ डालकर भी पि सकते है। 3.लू के लिए दो कच्चे आम आग में भूनकर उनका गुदा निचोड़कर250ग्राम पानी में थोड़ी बर्फ और चीनी मिलाकर दिन में दो बार पिय ।ये लू कि बिमारी को ठिक करता हैं। 4.गर्भवती कि उल्टी रोकता है आम का रस 20ग्राम,अर्क गुलाब20ग्राम,कैलसियम वाटर 20ग्राम तिनो को मिलाकर दिन में तीन बार पिने से गर्भ वती कि उल्टी रूकती है। ये एक बार कि खुराक है। 5.मंजन आम के पत्तो को सुखाकर जलाकर बारिक पिसकर रोजाना मलने से दा...

Sanp ke katane per kare ye 10 upay|सांप के काटने पर करे ये 10 उपाय

Sanp ke katane per kare ye 10 upay|सांप के काटने पर करे ये 10 उपाय सांप को हमारे हिंदू धर्म में देवता मानकर पूजा कि जाती है।नाग पंचमी के दिन साप कि विशेष रूप से पूजा कि जाती है। राजस्थान राज्य में तो लोक संत देवता गोगाजी के प्रतीक के रूप में सांप कि पूजा कि जाती हैं  सांप के काटने पर करे ये उपाय सांप के काटने पर थोड़ी सी लापरवाही हि मरीज कि जान जा सकती है।इस लिए तुरन्त ये उपाय करे। 1.सांप के काटने पर तुरन्त रोगी के जहा पर सांप ने काटा है।एक इंच उपर पट्टी बांंध देनी चाहिए ताकि जहर शरीर में ना फेले। 2.सांप के काटने पर तुरन्त रोगी को डोक्टरीय चिकित्सा दिलाय। चिकित्सिय सुविधा उपलब्ध नहीं होने पर ये उपाय करे। 3.2तोलाप्याज का रस ,2 तोला सरसों का तेल,10 ग्राम पिला दें यह एक खुराक है। हर 15 मिनट बाद दे।चार पांच खुराक मे हि उल्टि द्वारा जहर निकल जायगा। 4.सांप काटने वाली जगह को किसी तेज नश्तर से छिल ले जब खून बाहर निकलने लगे,तब बारिक पिसा हुआ पोटेशियम परमेंगनेट लगा दे । तिन चार बाद लगाने पर जब चबके लगने लगे। तो समझ ले जहर उतर रहा है।चार पांच दिन काली मिर्च मिलाकर  घी का ...

बच्चो के हकलाना और तुतलाना रोकने के उपाय

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तुतलाना और हकलाना बच्चो के हकलाना और तुतलाना रोकने के उपाय caption तुतलाना और हकलाना बच्चो कि आम बात है लेकिन जब बड़े होने तक तुतलाना और हकलाना बना रहता है तो यह चिन्ता का विषयहै।छोटे बच्चो का तुतलाना तो अच्छा लगता हैक्यो कि ये नेचूरल है।लेकिन जब बडा होने पर तुतलाय तो वह हसी का पात्र बन जाता हैं।इस लिए हम आपको बताते है कि ये उपाय  जिनसे आपका बच्चा तुतलाना छोड़ देगा और बहतर जिन्दगी बितायगा। 1.बच्चे अगर एक ताजा हरा आंवला रोज चबाकर खाए तो उसका तुतलाना और हकलाना बन्द हो जाता है।जीभ पतली वआवाज साफ आने लगती हैं। 2.बादाम कि गिरी 7 काली मिर्च सात दोनो को लेकरकुछ बूंद पानी मिलाकर चटनी सी बना ले और उसमे मिश्री मिलाकर तैयार कर ले ।और सुबह खाली पेट 15दिनो तकखाने से तुतलाना हकलाना दूर हो जाता है। 3.काली मिर्च को महिन पिस कर उसका चूर्ण बना ले।और प्रातःमें मक्खन के साथ मिलाकर खाने से तूतलाना और हकलाना दूर हो जाता हैं। 4.तेजपात को जिभ पर रख ने से बच्चे का हकलाना ,तुतलाना और अटक अटक कर बोलना बंद हो जाता हैं। 5..फुला हुआ सुहागा शहद में मिलाकर जीभ पर रगड़ने से बच्चे का हकलाना दूर हो जाता ह...

Daibtigमधुमह(डायबटीज) को ठिक करने केसात उपाय

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मधु मेह(डायबिटीज)को ठिक करने के उपाय मधूमह केनये या पूराने रोगी को मीठे तथा शूगर वाले प्रदार्थो का सेवन नहि करना चाहिए।इस रोग में पैदल चलना तथा प्रातःकालिन सैर अवश्य करना चाहिए । इसके अलावा कुछ घरेलू उपाय भी अपनाने चाहिए। जिनकी मदद से सुगर(डायबटीज ) को दूर किया जा सकता है- 1.जामून कि गूठली 5तोला,सोंठ5 तोला,गुड़मार बूटी10तोलाइन सब को कूट पिसकरग्वारपाठे के रस में घोलकर4-4रती कि गोलिया बना ले। इन्हे दिन में तीन बार पानी के साथ सेवन करते रहने सेमधूमह का रोग शीध्र दूर हो जाता है। 2.जामून के चार हरे एवं नर्म पत्तेखूब बारिक कर 60ग्राम पानी में रगड़ छानकर प्रातःदस दिन तक ले।मधूमह(डायबटीज)दूर करने कि अत्ति उतम औषधि है। 3.रोग कि प्रारम्भिक अवस्था मेंजामून के चार पत्ते प्रातः और शायं चबाकर खाने से तीसरे दिन मधूमह(डायबटीज ) में लाभ मिलेगा। 4.अच्छी पकि हुई60ग्राम जामुन को 300 ग्राम उबले पानी में ढक कर रख दे। आधे घण्टे बाद मसलकर छान ले। इसके तीन भागकरके एक एक मात्रा दिन में तीन बारपीने से रोगी के मूत्र मेंशर्करा बहूत कम हो जाती है।नियमपूर्वक कुछ समय तक सेवन करने से रोगी बिलकूल ठिक हो ...

Kahaniyan

ईश्वर मे विश्वास एक समय कि बात कि बात है एक साधू हमेसा खुद के पेर बांध कर उलटा कुँए में खुद को लटकाकर तपश्या करता था उसका विश्वास था कि जब मेरी रस्सी टूटेगी तो ईश्वर मुझे लेने आयेगे। गाँव वाले भी उस पर विश्वास करते थे।कई दिन बित गय । उसी गाँव का एक आदमी रोज उसे देखताथा ।एक दिन उसका मन भी भगवान  कृष्ण से मिलने का हुआ। वह भी पैर के रस्सी बान्ध कर कुँऐ में उल्टा लटक गया। उस आदमी कि रस्सी टूट गई।भगवान ने उसे बचा लिया। तब ।उसने भगवान से पूछा कि यह साधू इतने दिनो से आपकी आराधना कर रहा है।आप इसे लेने नही आये ।मुझे इतनी जल्दी मिलने आ गये। तब भगवान कृष्ण ने कहा कि तुझे रस्सी से ज्यादा मुझ पर विश्वास था। लेकिन इस साधू ने अपने आपको लोहे कि रस्सी से बांद रखा। इसे मुझसे ज्यादा रस्सी पर विश्वास है। अतः भगवान को पाने के लिय उन पर पूरा विश्वास होना जरूरी है।

Tulsi ke labh,तुलसी के फायदे / गुण

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         तुलसी के गुण     भारतीय परम्परा के अनुसार तुलसी का पौधा  पवित्र माना जाता हैं।जिस घर में तुलसी का पौधा होता है वहा देवता निवास करते है।जहा तुलसी का पौधा होता वहा बूरी ताकते प्रवेश नही होती हैं।        तुलसी का पौधा पवित्र तो है हि साथ ही साथ गुण कारी भी है।क ई प्रकार लाभ भी हैं।जो इस प्रकार है.... 1.पाचन शक्ति-               तुलसी की पत्तीयों को पीसकर पीने से मनुष्य कि पाचन शक्ति तीव्रहोती है। 2.सर्दी जुकाम:-   तुलसी के पत्तो के रस में अदरख का रस मिलाकर चाटने से सर्दी जुकाम ठिक हो जाती है। खुराक दो चम्मच। 3.पीलिया रोग:-तुलसी केपत्तियो का रस एक तोला ,मूली का रस चार तोला मिलाकर गुड़ के साथ पिलाने से पिलिया रोग दूर हो जाता है। 4.स्वप्न दोषः- रात को सोते समय काली तुलसी के दस बारह पत्ते जल के साथ लेने पर स्वप्न दोष दूर हो जाता है। 5:-शीध्र पतन कि दवाः- तुलसी के दो पत्ते और चार ग्राम बीज रोजाना पान में रख कर खाने से शीध्र पतन मे पुरुष को लाभ मिलता है। 6.महामारी...

Dama/दमा/अस्थमा को दूर करने के उपाय

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दमा दमा मेंसाँस नली में जलन, सिकुड़न,साँस लेने में दिक्कत होती है इसे अस्थमा भी कहते है। साँस कि बिमारी और अस्थमा को कइ लोग एक हि समझ लेतेहै।लेकिन असल मे ऐसा नही है।दमा एक अलग बिमारी है । Dama/दमा/अस्थमा को दूर करने के उपाय लक्षण एवं कारण दमा  स्त्रि पुरुष दोनो में ही हो सकता है। यहा तक कि छोटे बच्चो को भी होता है।दमे के रोगी की सुबह  शाम खासी बड़ जातीहै। साँस छोड़ने में दिक्कत आती है।सर्दियो में तो अस्थमा जयादा बड़ जाता है। धूल आदि कि एलर्जी से दमा होताहै।साँस नली में बलगम के जमाव से खूब खासी आती है। दम घुटने लगता है दमा ज्यादा होने पर हार्ट गिर जाता हैं और रोगी की मौत भी हो जाती है। दमा को दूर करने के उपाय 1.सूखा आंवला और मुलहठी को अलग अलग पिस कर बारिक चूरण सा बनाए और उन्हे मिलाकर रख ले एक चम्मच दिन में दो बारखाली पेट लेने से दमे आराम मिलता है। 2.रोगी को गर्म दूध या गर्म पानी पिलाने से बलगम पतला होकर पिघलने लगता है और खाँसी में आराम मिलता है। Add Dama/दमा/अस्थमा को दूर करने के उपाय 3.5-7बादाम कि गिरी को पिस कर आग पर कुछ देर उबाले थोड़ा थोड़ा रोगी ...