Dama/दमा/अस्थमा को दूर करने के उपाय
दमा
दमा मेंसाँस नली में जलन, सिकुड़न,साँस लेने में दिक्कत होती है इसे अस्थमा भी कहते है।
साँस कि बिमारी और अस्थमा को कइ लोग एक हि समझ लेतेहै।लेकिन असल मे ऐसा नही है।दमा एक अलग बिमारी है
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लक्षण एवं कारण
दमा स्त्रि पुरुष दोनो में ही हो सकता है। यहा तक कि छोटे बच्चो को भी होता है।दमे के रोगी की सुबह शाम खासी बड़ जातीहै। साँस छोड़ने में दिक्कत आती है।सर्दियो में तो अस्थमा जयादा बड़ जाता है। धूल आदि कि एलर्जी से दमा होताहै।साँस नली में बलगम के जमाव से खूब खासी आती है।
दम घुटने लगता है दमा ज्यादा होने पर हार्ट गिर जाता हैं और रोगी की मौत भी हो जाती है।
दमा को दूर करने के उपाय
1.सूखा आंवला और मुलहठी को अलग अलग पिस कर बारिक चूरण सा बनाए और उन्हे मिलाकर रख ले एक चम्मच दिन में दो बारखाली पेट लेने से दमे आराम मिलता है।
2.रोगी को गर्म दूध या गर्म पानी पिलाने से बलगम पतला होकर पिघलने लगता है और खाँसी में आराम मिलता है।
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3.5-7बादाम कि गिरी को पिस कर आग पर कुछ देर उबाले
थोड़ा थोड़ा रोगी को पिलाने से दमा का दोरा रुक जाता है।
4. 30-40 ग्राम अंगूरका रस गर्म करकेरोगी को पिलाने से साँस का वेग घट जाता है।
5.दमा के रोगी को काली मिर्च और मिश्री को हमेशा पास रखना चाहिए जब भी दोरा पड़े दोनो को एक साथ चबानै से दमे मे आराम मिलता है।
दमे का रोगी किन चिजो का सेवन न करे
1.दमे के रोगी कोदूध से बनी चिजो का सेवन नही करना चाहिए जेसे खीर
2.फ्रिज में रखी हुई चिजे न खाए।
3.चावल से बनी चिजो से परहेज करें।
4.धूल ,एलर्जी करने वाली चिजो से दूर रहे।


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