संदेश

सितंबर 17, 2019 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

व्यंजन/व्यंजन का वर्गीकरण/अनुस्वार और चन्द्र बिन्दु में अन्तर/अयोगवाह/हिन्दी

चित्र
व्यंजन का वर्गीकरण वर्ण-संयोग और स्वर वर्गीकरण व्यंजन वर्गीकरण संधि विच्छेदं 1. व्यंजन  शब्द के उच्चारण में बाधा या अवरोध होने के कारण इन्हे सबाध ध्वनि कहा जाता है. 2.व्यंजनो का उच्चारण स्वरो की सहायता से ही सम्भव है अतः इन्हे स्वतन्त्र ध्वनि नहि कहा जाता है। 3.मूल रुप से 33व्यंजन होते है। 4.हिन्दी वर्ण माला में चार संयुक्त व्यंजन होते हैः-       क्ष, त्र  ,ज्ञ   ,श्र 5.दो नव विकसित ध्वनिया हैः-   ड़  ,ढ़ । 6. पांच आगत व्यंजन   ध्वनियां  हैः-       क़   ,ख़   ,ग़    ,ज़   ,फ़   ये नुकता का निशान है।       व्यंजन वर्गीकरण के दो प्रमुख आधार है:- व्यंजन वर्गीकरण 1.उच्चारण स्थान 2.उच्चारण प्रयत्न    उच्चारण स्थान के आधार पर व्यंजन ध्वनियो का वर्गीकरण १.  कण्ठ्य  -    क्,    ख्,    ग्,    घ्,    ड़्   , २. तालव्य-       च्,    छ्,    ज्,   ...