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Kahaniyan

ईश्वर मे विश्वास एक समय कि बात कि बात है एक साधू हमेसा खुद के पेर बांध कर उलटा कुँए में खुद को लटकाकर तपश्या करता था उसका विश्वास था कि जब मेरी रस्सी टूटेगी तो ईश्वर मुझे लेने आयेगे। गाँव वाले भी उस पर विश्वास करते थे।कई दिन बित गय । उसी गाँव का एक आदमी रोज उसे देखताथा ।एक दिन उसका मन भी भगवान  कृष्ण से मिलने का हुआ। वह भी पैर के रस्सी बान्ध कर कुँऐ में उल्टा लटक गया। उस आदमी कि रस्सी टूट गई।भगवान ने उसे बचा लिया। तब ।उसने भगवान से पूछा कि यह साधू इतने दिनो से आपकी आराधना कर रहा है।आप इसे लेने नही आये ।मुझे इतनी जल्दी मिलने आ गये। तब भगवान कृष्ण ने कहा कि तुझे रस्सी से ज्यादा मुझ पर विश्वास था। लेकिन इस साधू ने अपने आपको लोहे कि रस्सी से बांद रखा। इसे मुझसे ज्यादा रस्सी पर विश्वास है। अतः भगवान को पाने के लिय उन पर पूरा विश्वास होना जरूरी है।

Tulsi ke labh,तुलसी के फायदे / गुण

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         तुलसी के गुण     भारतीय परम्परा के अनुसार तुलसी का पौधा  पवित्र माना जाता हैं।जिस घर में तुलसी का पौधा होता है वहा देवता निवास करते है।जहा तुलसी का पौधा होता वहा बूरी ताकते प्रवेश नही होती हैं।        तुलसी का पौधा पवित्र तो है हि साथ ही साथ गुण कारी भी है।क ई प्रकार लाभ भी हैं।जो इस प्रकार है.... 1.पाचन शक्ति-               तुलसी की पत्तीयों को पीसकर पीने से मनुष्य कि पाचन शक्ति तीव्रहोती है। 2.सर्दी जुकाम:-   तुलसी के पत्तो के रस में अदरख का रस मिलाकर चाटने से सर्दी जुकाम ठिक हो जाती है। खुराक दो चम्मच। 3.पीलिया रोग:-तुलसी केपत्तियो का रस एक तोला ,मूली का रस चार तोला मिलाकर गुड़ के साथ पिलाने से पिलिया रोग दूर हो जाता है। 4.स्वप्न दोषः- रात को सोते समय काली तुलसी के दस बारह पत्ते जल के साथ लेने पर स्वप्न दोष दूर हो जाता है। 5:-शीध्र पतन कि दवाः- तुलसी के दो पत्ते और चार ग्राम बीज रोजाना पान में रख कर खाने से शीध्र पतन मे पुरुष को लाभ मिलता है। 6.महामारी...