स्त्री रोग चिकित्सा
स्त्रीप्रसूत तथा प्रदर चिकित्सा
पीपल के पके हुएफल को बारीक पिसकर बराबर मात्रा में शक्कर मिस्रीत करके गो दुग्ध के साथ स्त्री को पिला दे। इसी प्रकारसेवन से दस पन्द्रह दिनो में प्रसूत और प्रदर रोग समाप्तहो जाएगा।
मासिक धर्म कि अधिकता
1.बीस ग्राम धनिय को200 ग्राम पानी में उबाले। जब 50ग्राम पानी शेष रह जाएतब छान कर पिला दे।इससे अधिक रक्त गिरना बन्द हो जाएगा।
2.दस ग्राम सफेद काशगरी व एक ग्राम लाल गेरू दोनो को
अच्छी तरह शीशी में भर ले। आवश्यकता पड़ने पर स्त्रीको
औषधि बताशे में भरकर खिलाए और उपर से थोड़ा दूध या पानी दे। यह अचूक ओषधि है। तीन खुराक से अवश्य आराम होगा।
ढीले स्तनो के लिए औषधि
1.कच्ची उम्र मे हिमैथून आदि क्रिया में लग जाने के कारण स्तन ढीले हो जाते हैं। इसके लिए कच्चे आम की गिरी को कुछ दिन अच्छी तरह से लेप करे । इससे स्तन चुस्त एवं पहले के समान सख्त हो जाते हैं।
2.सुपारी पाक का कुछ दिनो तक सेवन करने से भी कुछ ही दिनो में स्तन स्वयं हि सुदृड़ हो जाएगै।
स्तन के रोग
1.वट वृक्ष बरगद की दाढ़ी व लाल सिरे को सुखाकर पानी मेंपीसकर लेप करे। स्तन कड़े हो जाएगे।
2.सतावर को पीस कर उसका लेप करने से दुध बढ़ जाता है।
3.सरसो कि खली कोपानी मे पीसकर ले प करने से स्तन रोग दूर हो जाते हैं।

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