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सिर दर्द को रोकने के घरेलु उपाय एवं औषधि

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आँख के रोग को दूर करने के उपाय सिर दर्द को रोकने के घरेलु उपाय एवं औषधि सिर दर्द  एक आम बिमारी है। जो कभी भी किसी भी समय किसी को भी हो सकती है। सिर दर्द गर्म तली हुई चिजे खाने और तनाव का कारण आम कारण है। सिर दर्द कि औषधि जानने से पहले यह जानना जरूरी है ,कि सर दर्द क्या है कैसे होता है इसके कारण क्या क्या है। सिर दर्द को रोकने के घरेलु उपाय एवं औषधि सिर दर्द कि औषधि बताने से पहले हम आपको बताते है कि क्या है और किस कारण से होता है ।सिर दर्द कि औषधि जानने से पहले हमारे लिय यह जानना जरुरी है कि सिर दर्द क्या है तभी हम बहतर ईलाज कर सकेगे। सिर दर्द क्या है? आईय जानते है कि सिर दर्द क्या है ,कैसे होता हैं। सिर दर्द इंसान के तंत्रिका तंत्र यानि नरवस सिस्टम और गर्दन से जुड़ी पपरेशानी है। सिर दर्द कई बार आम होता है।लेकिन कभी कभी इतना बढ् जाता हैं कि दिन रात होने लगता हैं। इसके लिय हम दवाईयां भी लेते है जो पेन किलर होती है जो हमारी किडनी पर अटेक करती हैं  इस लिय सिर दर्द के लिय घरेलू उपायो को अपनाया जाना आवश्यक है जिनके कोई साईड इफेक्ट नही होते हैं।  सि...

स्वप्न दोष और उसका इलाज

स्वप्न दोष और उसका इलाज  सोते समय वीर्य के निकल जाने को स्वप्नदोष कहते हैं।, वैसे तो यह शिकायत हर नौजवान को जाती हैं। मगर महिने में एक या दो बार हो जाय तो घबराना नही चाहिए। बल्कि गर्म वस्तु ,तेल ,मसाले,अंडे आदि खाना बन्द कर दे तो यह शिकायत अपने आप दूर हो जाती हैं। स्वप्न दोष और उसका इलाज 1.तख्मकाहु,तुख्मकासीनी, धनिया , अजवाइन ,खुरासानीर, तुख्म खिर , भूखी इसबगोल ,नीलोफर,,कूँजा मिश्रि बराबर वजन लेकर बारिक करके 6-6 ग्राम सुबह शाम ताजे पानी में तीस दिन तक खायें ।रोजाना होने वाला स्वप्नदोष रूक जाता हैं। परहेज गुड़ ,चावल,खटाई,अंडा,शराब,और दूध दवा खाने तक न लें। तुलसी के फायदे एवं गुण 2. तुलसी के बीज4-4ग्राम  पानी से कुछ समय शाम को खाय। आँख के रोग को दूर करने के उपाय 3.बीज बन्द 3ग्राम.पानी से खाने से स्वप्नदोष रूक जाते है। 4.साबल मिश्रि ,मूसली सफेद ,संदल सफेद,इलायची छोटी, जीरा सफेद,सतवार,भूसी इसबगोल सब 10-10ग्राम लेकर बारिक कूटकर छान ले और 6-6ग्राम सुबह शाम को दूध के साथ सेवन करे  धात के लिए है।कूँजा मिश्रि 40 ग्राम मिलायें। 5.इमली के बीज 125ग्राम 400ग्राम ...

स्वर संधि,दीर्ध संधि/हिन्दी/हिन्दी व्याकरण

स्वर संधि संधि विच्छेद स्वरो के परस्पर मेंल में उत्पन ध्वनि विकारो को  स्वर संधि कहते है। स्वरो कि जातियता और  भिन्नता के आधार के आधार पर स्वर संधि के 5उप भेद है 1.दीर्ध स्वर संधि 2.गुण स्वर संधि 3.वृध्दि स्वर संधि 4.यण स्वर संधि 5.अयाधि स्वर संधि स्वर और व्यंजन    हिन्दी में मूलतः 11स्वर माने गए है।इसमें'अ' ,'इ' ,'उ' ,तथा 'ऋ' चार मूल स्वर है। मूल स्वरो को.हृस्व स्वर भी कहा जाता  है। शेष 7स्वर संयूक्त स्वर माने जाते है। स्वर संधि के प्रकार 1.दीर्घ संधि अ/आ/+अ/आ     =आ इ/ई   +इ/ई          =ई उ/ऊ+उ/ऊ           =ऊ   जब दो समान स्वर अथवा एक हि स्वर के दो रूप हृस्व व दीर्ध, मिलते हैं तो दीर्घ स्वर बनता है- अ/आ+अ/आ=    आ पुरुष +अर्थ = पुरूषार्थ परम+अर्थ=    परमार्थ स्व   +अर्थ =स्वार्थ स्व  +अधीन=स्वाधिन पर+  अधीन=पराधीन शास्त्र+अर्थ=शास्त्रास्त्र परम+अणु=परमाणु वेद+ अन्त=वेदान्त अधिक+अंश=अधिकांश गव   +अक्ष=गवाक्ष सुषुप्त+...

आंख के रोग को दूर करने के घरेलू उपाय

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अंगूर के फायदे एवं नुकसान आंख के रोग को दूर करने के घरेलू उपाय आंख इस खुबसूरत  दूनिया को देखने को देखने का जरिया है ।अगर आंख हि नही रही तो जिन्दगी विरान हो जाती हैं। अतः आंख के ईलाज में चूक नही करनी चाहिय । आंख के रोग को दूर करने के घरेलू उपाय आंख के रोग को दूर करने के घरेलू उपाय आंखो कि ज्योति हल्दी  कि गांठ को नींबू के रस में डुबोकर कांच के बर्तन में रख दे।और 40 दिन तक उसी बर्तन रखा रहने दे।बाद में हल्दी को गुलाब जल में मिलाकर रात में सोते समय लगाने से आंखो कि ज्योति बढ़ जाती हैं। मोटापा कम करने के उपाय आंखो का दूखना  तुलसी के फायदे और नूकसान 1. 50ग्रामगुलाब जल में 1गांठ हल्दी कूटकर डाले । दूसरे दिन छानकर कर शीशि में रख ले ।आंखो में लाली या जख्म हो तो 2-2 बूंद दिन में 3-4 बार डाले ।मरीज भूने चने न खाए 2.तिल के ताजे 5 फूल अप्रैल के महिने में निगले तो फिर पूरे वर्ष आंख नहि दुखेगी। 3.हरड़ को रात भर पानी में भीगने दे और प्रातः काल उसी जल से आंख धोए ।इससे आंख भी नहि दूखती और ठण्डक भी बनी रहती हैं। प्याज के फायदे मोतिया बिन्द 1.असली चन्दन घिसकर प्र...

Nimbu ke 10fayede। निम्बु के 10फायदे

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 Nimbu ke 10fayede। निम्बु के 10फायदे निम्बु के रस को देशी कोलड्रींक कह सकते। रूटेसी परिवार से सम्बन्धित निम्बु के बारे में कोन नही जानता है। निम्बु का स्वाद खटा होता है जो कि खाने में स्वाद को बढ़ाता है। निम्बू के फायेदे निम्बु के फायदे निम्बू  खाने के साथ साथ एक आयुर्वेद में भी इसका प्रयोग किया जाता है ।निम्बु आयुर्वेदिक औषधि और घरेलु उपचार में भी इस का प्रयोग किया जाता हैं। घरेलु उपचार में निम्बु का प्रयोग कई तरह के बिमारियो के उपचार में किया जाता हैं। 1.पेट दर्द में आराम देता है नमक ,अजवाइन,जीरा, चीनी  सब दो दो ग्राम बारिक करके थोड़ा नींबु निचोड़कर खाने से दर्द को फायदा करता है। गरम पानी में खाए। 2.दांत दर्द के लिए थोड़ा लोंग पीसकर नींबू निचोड़कर मलने से दर्द ठिक हो जाता हैं। खाने का सोडा मलने से भी दर्द ठिक हो जाता हैं। 3.पेचिश में फायदा आधा पाव ताजा पानी में नीम्बु निचोड़कर  दिन में तीन बार पियें ,पेचिस को फायदा मिलेगा। 4.सिर चकराना रोज तलि हुई चिजे खाने से पेट में गैस होने लग जाती हैं ये गैस जब सिर में चलि जाती हैं तो सिर दर्द करने लग जाता ह...

संधि एवं संधि विच्छेद/हिन्दी/हिन्दी व्याकरण

         संधि एवं संधि विच्छेद/हिन्दी व्याकरण संधि  का अर्थ है- जुड़ना। वर्णो के परस्पर मेंल (जुड़ने ) पर उत्पन्न ध्वनि विकार या ध्वनि परिवर्तन को संधि कहते है। वर्णऔर अक्षर में भेद वर्ण का अर्थ होता है -चिन्ह। वर्ण भाषा के लिखित रुप की लधुतम इकाई है।लिखित भाषा में मूल ध्वनियों के लिए जो चिंह मान लिए गए है,उन्हे वर्ण कहा जाता है। जैसे कि  'मेंवात' शब्द है उसमें छः ध्वनिया है म्+ए+व्+आ+त्+अ अक्षर भाषा कि मोखिक इकाई है। इसमें एक बार में उच्चारित ध्वनि को विभाजित नहि कीया जा सकता हैं। जैसे   'मेवात' शब्द में मे+वा+त (कुल तीन )अक्षर है। संधि में जिन वर्णो का मेल होता हैवे स्वर व्यंजन या विसर्ग हो सकते है। संधि के प्रकार इस प्रकार संघि के तीन भेद होते है- 1.स्वर संधि 2.व्यंजन संधि 3.विसर्ग संधि हिन्दी वर्ण माला(स्वर) <<<ये भी पढ़े इस पोस्ट में संधि का अर्थ और प्रकार बताया गया है।

Hindi saver or vynjan।हिन्दी स्वर और व्यंजन/हिन्दी व्याकरण

हिन्दी वर्णमाला ( स्वर ) अ      आ       इ         ई         उ        ऊ           ऋ ए        ऐ      ओ        [औ      अं】अयोगवाह वर्ण माला( व्यंजन ) क       ख       ग        घ        ड़ च        छ       ज       ज        ञ ट        ठ         ड       ढ        ण त       थ         द        ध        न प       फ        ब        भ        म य।      र         ल        व श     ...